उर्दू शायरी का एक पूरा दौर ख़ामोश: अज़ीम शायर ऐतबार साजिद का इंतक़ाल
उर्दू अदब की फ़ज़ाओं में आज गहरी उदासी तैर रही है। अल्फ़ाज़ की नर्मी, एहसास की सच्चाई और मोहब्बत की ख़ामोश आँच को शायरी में ढा…
उर्दू अदब की फ़ज़ाओं में आज गहरी उदासी तैर रही है। अल्फ़ाज़ की नर्मी, एहसास की सच्चाई और मोहब्बत की ख़ामोश आँच को शायरी में ढा…
कुछ आवाज़ें सिर्फ़ कानों तक नहीं आतीं, वे सीधे दिल पर दस्तक देती हैं। कुछ शायर सिर्फ़ पढ़े नहीं जाते, वे इंसान की रूह में उतर क…
उर्दू शायरी की चार बड़ी सनअतें: ग़ज़ल, रुबाई, मसनवी और क़सीदा का मुकम्मल तहक़ीक़ी मुताला
प्रोफ़ेसर मुज़फ़्फ़र हनफ़ी उर्दू अदब की उस रौशन और मुस्तहकम रिवायत का नाम हैं, जिसने आधी सदी से ज़्यादा अरसे तक अपनी फ़िक्र, …
उर्दू-हिंदी अदब की दुनिया में किसी शायर या अदीब पर तहरीर लिखना सिर्फ़ तारीख़ों, किताबों और हवाले गिनवा देना नहीं होता। यह एक …
रईस वारसी अस्र-ए-हाज़िर की उर्दू शायरी का वह रौशन और मोअतबर नाम हैं जिन्होंने रिवायत की नज़ाकत, क्लासिकी बह्र की संगीतियात और ज…
उर्दू-हिंदी अदब की तारीख़ गवाह है कि शायर जब तक हुक्मरानों की आँखों में आँखें डालकर बात करता है, तब तक वह शायर रहता है; और जि…
अली अकबर नातिक़ समकालीन उर्दू और पंजाबी अदब का वह चमकता हुआ नाम हैं, जिनकी शख़्सियत सिर्फ़ एक शायर , अफ़सानानिगार या नावेल न…
प्रोफ़ेसर अब्बास रज़ा नय्यर की किताब “आबिद हुसैन हैदरी के तहक़ीक़ी व तनक़ीदी मबाहिस” की रस्म-ए-इजरा — एक मुकम्मल इल्मी व अदबी मं…
हर शायर के अल्फ़ाज़, हर मिसरा, हर तख्लीक़—उसकी रूह का एक हिस्सा होती है। लेकिन एक हकीकत यह भी है कि डिजिटल दुनिया में आपकी पह…
इफ़्तिख़ार हुसैन आरिफ, जिन्हें आज दुनिया इफ़्तिख़ार आरिफ के नाम से पुकारती है, सिर्फ़ एक शायर नहीं—बल्कि उर्दू अदब की वह पूर…
पेशलफ़्ज़ उर्दू अदब के आसमान पर जगमगाने वाले सितारों में मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ान ग़ालिब (1797–1869) एक ऐसा नाम है जिसकी रौशनी से…
सैयद मोहम्मद ज़ामिन अली नक़वी, जिनको अदबी दुनिया में सिर्फ़ “ ज़ामिन ” के नाम से जाना और पहचाना जाता है, 25 जून 1893 को मुस्तफ़ा…
शहज़ाद अहमद, उर्दू अदब की दुनिया में न सिर्फ़ एक शायर, बल्कि एक प्रतिष्ठित तहरीकी शख़्सियत और गहरी सोच वाले फनकार थे। उनकी शायर…