“कुछ रुतें डॉक्टर ताहिर रज़्ज़ाक़ी के नाम” : संभल में सजी अदब और तहज़ीब की शानदार महफ़िल,एक दस्तावेज़ी मुशायरा
15 मई 2026 की पुरसुकून और यादगार शाम, शब्बीर पैलेस अदब की रौशनी से जगमगा उठी, जब मशहूर-ओ-मारूफ़ उस्ताद शायर मरहूम डॉ ताहिर रज़्…
15 मई 2026 की पुरसुकून और यादगार शाम, शब्बीर पैलेस अदब की रौशनी से जगमगा उठी, जब मशहूर-ओ-मारूफ़ उस्ताद शायर मरहूम डॉ ताहिर रज़्…
आज का दौर तेज़-रफ़्तार मालूमात, चंद सेकंड की वीडियोज़ और लम्हों में बदलती दिलचस्पियों का दौर है। सोशल मीडिया की चमक-दमक ने इंसान…
सिरसी की सरज़मीन अपनी सादगी में जितनी ख़ामोश नज़र आती है, उतनी ही अपनी रूह में अदब, इल्म और तहज़ीब की गहराइयाँ समेटे हुए है। …
अनीस अमरोहवी उर्दू अदब की उस ख़ामोश रिवायत के अमीन हैं, जहाँ फ़न की बुलंदी का शोर नहीं, बल्कि उसके असर की गूंज दिलों में देर तक…
उर्दू अदब की तारीख़ में कुछ शायर ऐसे भी गुज़रे हैं जिनकी शख़्सियत और फ़िक्र ने शायरी को नई राहें दिखाईं। क़ाज़ी मुहम्मद शमशाद …
Saleem Kausar اصل نام: محمد سلیم तआरुफ़ उर्दू ग़ज़ल की नर्म, दर्दमंद और असरदार आवाज़ सलीम कौसर उन शायरों में शुमार होते है…
उर्दू अदब की फ़ज़ाओं में आज गहरी उदासी तैर रही है। अल्फ़ाज़ की नर्मी, एहसास की सच्चाई और मोहब्बत की ख़ामोश आँच को शायरी में ढा…
कुछ आवाज़ें सिर्फ़ कानों तक नहीं आतीं, वे सीधे दिल पर दस्तक देती हैं। कुछ शायर सिर्फ़ पढ़े नहीं जाते, वे इंसान की रूह में उतर क…
उर्दू शायरी की चार बड़ी सनअतें: ग़ज़ल, रुबाई, मसनवी और क़सीदा का मुकम्मल तहक़ीक़ी मुताला
प्रोफ़ेसर मुज़फ़्फ़र हनफ़ी उर्दू अदब की उस रौशन और मुस्तहकम रिवायत का नाम हैं, जिसने आधी सदी से ज़्यादा अरसे तक अपनी फ़िक्र, …
उर्दू-हिंदी अदब की दुनिया में किसी शायर या अदीब पर तहरीर लिखना सिर्फ़ तारीख़ों, किताबों और हवाले गिनवा देना नहीं होता। यह एक …
रईस वारसी अस्र-ए-हाज़िर की उर्दू शायरी का वह रौशन और मोअतबर नाम हैं जिन्होंने रिवायत की नज़ाकत, क्लासिकी बह्र की संगीतियात और ज…
उर्दू-हिंदी अदब की तारीख़ गवाह है कि शायर जब तक हुक्मरानों की आँखों में आँखें डालकर बात करता है, तब तक वह शायर रहता है; और जि…