डॉ ताहिर रज़ज़ाक़ी संभली अज़ीम शायर ,मुहक़्क़िक़,सहाफ़ी,नक़्क़ाद और उरूज़-ओ-बलाग़त के उस्ताद, की अदबी विरासत
पैदाइश और इब्तेदाई पसमंज़र (12-02-1957) - (24-02-2014)
पैदाइश और इब्तेदाई पसमंज़र (12-02-1957) - (24-02-2014)
करीब तीन बरस और कुछ माह पहले जब मैंने Anthought की बुनियाद रखी, तो यह महज़ एक Website का आग़ाज़ नहीं था, बल्कि अदब से मेरी एक …
15 मई 2026 को मरहूम उस्ताद शायर डॉ. ताहिर रज़्ज़ाक़ी की याद में "कुछ रुतें डॉ. ताहिर रज़्ज़ाक़ी के नाम" के उन्वान से …
इब्तिदाई ज़िंदगी अब्बास क़मर का जन्म 1 अगस्त 1994 को उत्तर प्रदेश के तारीख़ी और तहज़ीबी शहर जौनपुर में हुआ। जौनपुर अपनी इल्मी,…
15 मई 2026 की पुरसुकून और यादगार शाम, शब्बीर पैलेस अदब की रौशनी से जगमगा उठी, जब मशहूर-ओ-मारूफ़ उस्ताद शायर मरहूम डॉ ताहिर रज़्…
आज का दौर तेज़-रफ़्तार मालूमात, चंद सेकंड की वीडियोज़ और लम्हों में बदलती दिलचस्पियों का दौर है। सोशल मीडिया की चमक-दमक ने इंसान…
सिरसी की सरज़मीन अपनी सादगी में जितनी ख़ामोश नज़र आती है, उतनी ही अपनी रूह में अदब, इल्म और तहज़ीब की गहराइयाँ समेटे हुए है। …
अनीस अमरोहवी उर्दू अदब की उस ख़ामोश रिवायत के अमीन हैं, जहाँ फ़न की बुलंदी का शोर नहीं, बल्कि उसके असर की गूंज दिलों में देर तक…
उर्दू अदब की तारीख़ में कुछ शायर ऐसे भी गुज़रे हैं जिनकी शख़्सियत और फ़िक्र ने शायरी को नई राहें दिखाईं। क़ाज़ी मुहम्मद शमशाद …
Saleem Kausar اصل نام: محمد سلیم तआरुफ़ उर्दू ग़ज़ल की नर्म, दर्दमंद और असरदार आवाज़ सलीम कौसर उन शायरों में शुमार होते है…
उर्दू अदब की फ़ज़ाओं में आज गहरी उदासी तैर रही है। अल्फ़ाज़ की नर्मी, एहसास की सच्चाई और मोहब्बत की ख़ामोश आँच को शायरी में ढा…
कुछ आवाज़ें सिर्फ़ कानों तक नहीं आतीं, वे सीधे दिल पर दस्तक देती हैं। कुछ शायर सिर्फ़ पढ़े नहीं जाते, वे इंसान की रूह में उतर क…
उर्दू शायरी की चार बड़ी सनअतें: ग़ज़ल, रुबाई, मसनवी और क़सीदा का मुकम्मल तहक़ीक़ी मुताला