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AMU History Book: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तारीख़ पर नई किताब का इफ़्तिताह, प्रो. इरफ़ान हबीब ने तक़सीम के बाद एएमयू के तहफ़्फ़ुज़ पर की अहम गुफ़्तगू

अलीगढ़, 6 अगस्त: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तारीख़, तशकील, इरतिका, निज़ाम-ए-इंतज़ाम और समाजी व इल्मी ख़िदमात को मुख़्तलिफ़ प…

Irfan: The Labourer from Delhi: एक गुमनाम आवाज़, जो ज़मीर-ए-क़ौम की तरजुमान बन गई

तवारीख़ का गहरा मुताला इस हक़ीक़त की ताईद करता है कि दुनिया की कोई भी समाजी, सियासी या फ़िक्री तहरीक़ महज़ अपने नारों, अपने इज्…

Nagarjun (Vaidyanath Mishra) Hindi Poet: शोध-आधारित, प्रमाणिक और सम्पूर्ण जीवनी, साहित्य, प्रमुख रचनाएँ एवं विचारधारा

भूमिका हिन्दी साहित्य के आधुनिक इतिहास में कुछ ऐसे रचनाकार हैं जिनका महत्व केवल उनकी रचनाओं की संख्या या लोकप्रियता से निर्धारि…

क्या उर्दू और हिंदी अदब की अस्ल विरासत इंटरनेट पर महफ़ूज़ है? ANTHOUGHT का एक ज़िम्मेदार जवाब

डिजिटल दौर में अदबी विरासत का तहफ़्फ़ुज़ : ANTHOUGHT की ज़रूरत, नज़रिया और ज़िम्मेदारी मुक़द्दिमा इक्कीसवीं सदी ने इल्म हासिल कर…

Urdu Hindi Poets Biographies: शोअरा की हयात और उनके अदबी सरमाया-ए-तख़्लीक़ के तहफ़्फ़ुज़ का मिशन

करीब तीन बरस और कुछ माह पहले जब मैंने Anthought की बुनियाद रखी, तो यह महज़ एक Website का आग़ाज़ नहीं था, बल्कि अदब से मेरी एक …

कुछ रुतें डॉ. ताहिर रज़्ज़ाक़ी के नाम — कुछ बातें, कुछ तजुर्बे, कुछ हासिल

15 मई 2026 को मरहूम उस्ताद शायर डॉ. ताहिर रज़्ज़ाक़ी की याद में "कुछ रुतें डॉ. ताहिर रज़्ज़ाक़ी के नाम" के उन्वान से …

ABBAS QAMAR POET: जदीद उर्दू शायरी का एक रौशन और पुरउम्मीद नाम

इब्तिदाई ज़िंदगी अब्बास क़मर का जन्म 1 अगस्त 1994 को उत्तर प्रदेश के तारीख़ी और तहज़ीबी शहर जौनपुर में हुआ। जौनपुर अपनी इल्मी,…

“कुछ रुतें डॉक्टर ताहिर रज़्ज़ाक़ी के नाम” : संभल में सजी अदब और तहज़ीब की शानदार महफ़िल,एक दस्तावेज़ी मुशायरा

15 मई 2026 की पुरसुकून और यादगार शाम, शब्बीर पैलेस अदब की रौशनी से जगमगा उठी, जब मशहूर-ओ-मारूफ़ उस्ताद शायर मरहूम डॉ ताहिर रज़्…

Urdu Hindi Biograpies Poetry: साहित्य अदब, तहज़ीब और इल्म को डिजिटल दुनिया में नई ज़िंदगी देने की एक संजीदा कोशिश

आज का दौर तेज़-रफ़्तार मालूमात, चंद सेकंड की वीडियोज़ और लम्हों में बदलती दिलचस्पियों का दौर है। सोशल मीडिया की चमक-दमक ने इंसान…

सिरसी जिला संभल उत्तर प्रदेश में 30 मार्च को आल इंडिया मुशायरा: अदब-नवाज़ अवाम के बीच सजेगी शेर-ओ-शायरी की शानदार महफ़िल

सिरसी की सरज़मीन अपनी सादगी में जितनी ख़ामोश नज़र आती है, उतनी ही अपनी रूह में अदब, इल्म और तहज़ीब की गहराइयाँ समेटे हुए है। …

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